राम मोहम्मद सिंह आज़ाद(Inspirational) - Quote by Sahil Gupta - Spenowr
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Sahil Gupta

Individual Artist

Writer, Painter

Uttar Pradesh, India

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राम मोहम्मद सिंह आज़ाद

राम मोहम्मद सिंह आज़ाद 13अप्रैल,1919 की बात है , जब लोग कर रहे आंदोलन थे क्यों जलियांवाला बाग में वो लोग आए थे? क्यों कर रहे आंदोलन थे? तभी देख कर मौका, मुँह से निकले जनरल डायर के आदेश है, कि मार दो उन मासूमों को जो रॉलेट एक्ट के खिलाफ़ है थोड़ी देर में चल पड़ी गोलियों की बौछार है, सब लोग बचने के लिए भागे इधर-उधर पल में बन गया लाशों का ढेर हैं देखते ही देखते बाग को बनाया कब्रिस्तान है तभी आग के धुआँ से निकले सरदार उधम है जिसने बड़ाया कदम आज़ादी के लिए जो उन मासूमों के लिए लड़े, डायर के आदेश ही बने उसकी मौत का कारण लंदन में मार दिया डायर को और खुद चढ़ गए फांसी को।। कवि - साहिल गुप्ता
By: ©Sahil Gupta
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राम मोहम्मद सिंह आज़ाद -Quote

राम मोहम्मद सिंह आज़ाद 13अप्रैल,1919 की बात है , जब लोग कर रहे आंदोलन थे क्यों जलियांवाला बाग में वो लोग आए थे? क्यों कर रहे आंदोलन थे? तभी देख कर मौका, मुँह से निकले जनरल डायर के आदेश है, कि मार दो उन मासूमों को जो रॉलेट एक्ट के खिलाफ़ है थोड़ी देर में चल पड़ी गोलियों की बौछार है, सब लोग बचने के लिए भागे इधर-उधर पल में बन गया लाशों का ढेर हैं देखते ही देखते बाग को बनाया कब्रिस्तान है तभी आग के धुआँ से निकले सरदार उधम है जिसने बड़ाया कदम आज़ादी के लिए जो उन मासूमों के लिए लड़े, डायर के आदेश ही बने उसकी मौत का कारण लंदन में मार दिया डायर को और खुद चढ़ गए फांसी को।। कवि - साहिल गुप्ता



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