अक्टूबर की एक ठंडी और हवादार दोपहर में, जब बाहर का मौसम नारंगी पत्तियों से ढका हुआ था, डॉक्टर कपूर का शांत दफ्तर एक दमघोंटू तनाव से भरा था। ब्रेना अपनी सीट के कोने पर बैठी थी, उसके कांपते हाथों में रूमाल था और आँखें रातों की नींद उड़ जाने के कारण लाल थीं। उसके बगल में, उसका पति एलेक्स पूरी तरह से शांत बैठा था, जैसे वह किसी बड़ी मुसीबत का नहीं, बल्कि एक मामूली सी बात का सामना कर रहा हो।
डॉक्टर कपूर अपनी कुर्सी पर पीछे की ओर झुके और इस जोड़े की तरफ देखते हुए सन्नाटे को तोड़ा, "आज यहाँ आने के लिए आप दोनों का धन्यवाद। एलेक्स, आपने फोन पर बताया था कि आपकी पत्नी को पार्क में घबराहट का दौरा पड़ा था। ब्रेना, क्या आप मुझे बताएंगी कि वहाँ क्या हुआ था?"
"वह घबराहट का दौरा नहीं था, डॉक्टर कपूर," ब्रेना ने अपनी कांपती आवाज में कहा। "मुझे पता है मैंने क्या देखा। मैं पार्क के बेंच के पास खड़ी थी और अपने नवजात बेटे लियो को स्ट्रोलर में सोते हुए देख रही थी। हमारी बेटी मारा ठीक उसके पास खड़ी थी।"
एलेक्स ने एक गहरी सांस ली और अपनी उंगलियों से अपना माथा सहलाया। "ब्रेना, प्लीज। हम पुलिस के सामने इस बारे में बात कर चुके हैं। वह एक भयानक हादसा था। उस दोपहर हवा बहुत तेज चल रही थी।"
ब्रेना अपने पति की तरफ मुड़ी, उसकी आँखों में गहरी हताशा थी। "हवा ने उस स्ट्रोलर के सेफ्टी ब्रेक नहीं खोले थे, एलेक्स! मैंने मारा का हाथ देखा था। उसने सीधे मेरी आँखों में देखा, अपनी वही झूठी और मीठी मुस्कान मुस्कुराई, और फिर अपने छोटे भाई के स्ट्रोलर को ढलान से नीचे ट्रैफिक की तरफ धक्का दे दिया!"
"डॉक्टर कपूर, मारा सिर्फ चार साल की है," एलेक्स ने डॉक्टर की ओर देखते हुए कहा। "उसे ढलान या ब्रेक के बारे में कुछ समझ नहीं है। वह तो बस अपने भाई को छूने की कोशिश कर रही थी। ब्रेना जब से मारा पैदा हुई है, तब से उसे लेकर सनकी बनी हुई है। यह कभी हमारी बेटी से दिल से जुड़ ही नहीं पाई।"
डॉक्टर कपूर ने सहानुभूति भरी नजरों से देखते हुए कहा, "ब्रेना, जब कोई माँ बहुत थकी हुई होती है, तो उसका दिमाग उसके साथ छलावा कर सकता है। क्या आपको सच में लगता है कि चार साल की बच्ची अपने ही छोटे भाई को नुकसान पहुंचा सकती है?
ब्रेना के गालों पर आंसू बह निकले और वह फुसफुसाते हुए बोली, "आप उसे नहीं जानते, डॉक्टर। जब कैमरे बंद होते हैं, जब दरवाजे बंद होते हैं... तो वह मुझे ऐसे देखती है जैसे मुझे मिटा देना चाहती हो। और अब, वह अपने भाई को मिटाने की कोशिश कर रही है।"
छह साल बीत गए, लेकिन परिवार पर मंडराते काले साए और गहरे हो गए। वसंत की एक धूप भरी दोपहर में, दस साल की मारा पार्क में बच्चों के साथ खेल रही थी। ब्रेना पास के एक बेंच पर बैठी थी, उसकी तीखी नज़रें अपनी बेटी पर टिकी थीं। एलेक्स दो कप गर्म कॉफी लेकर आया।
"देखा?" एलेक्स ने कॉफी का कप ब्रेना की तरफ बढ़ाते हुए कहा। "देखो, मारा दूसरे बच्चों के साथ कितने अच्छे से खेल रही है। क्या हम बिना उसे मुजरिम की तरह देखे एक सामान्य दिन नहीं बिता सकते?"
"उसे ध्यान से देखो, एलेक्स," ब्रेना ने ठंडा जवाब दिया। "बाकी बच्चों को मत देखो, बस उसकी आँखों को देखो। वह तय करती है कि कौन ऊपर चढ़ेगा और किसे धक्का दिया जाएगा।"
"वह जन्मजात लीडर है, ब्रेना!" एलेक्स ने चिढ़कर कहा।
इससे पहले कि ब्रेना कोई जवाब देती, पार्क में एक बच्चे के चीखने की आवाज गूंजी। टोबी नाम का एक छोटा लड़का झूले से नीचे गिर गया था और उसका हाथ टूट गया था।
ब्रेना तुरंत खड़ी हो गई। "हे भगवान! टोबी!"
"मैं उसकी मदद करता हूँ!" एलेक्स दौड़ पड़ा।
ब्रेना झूले की तरफ भागी, जहाँ मारा सीढ़ियों से आराम से नीचे उतर रही थी। उसके चेहरे पर न तो कोई डर था और न ही कोई पचतावा। वह सीधे अपनी माँ के पास आई।
"मम्मी, टोबी बहुत भुलक्कड़ था," मारा ने बहुत ही मासूमियत से कहा। "उसने ध्यान नहीं दिया और गिर गया।"
ब्रेना नीचे झुकी और मारा के कंधे पकड़कर बोली, "मैं तुम्हें ही देख रही थी, मारा। टोबी खुद नहीं फिसला। तुमने उसकी उंगलियों पर पैर रखा था।"
एक पल में मारा का मासूम चेहरा गायब हो गया। उसकी आँखें ठंडी और खाली हो गईं। "आपकी बात पर कोई यकीन नहीं करेगा, मम्मी। पापा मुझसे सबसे ज्यादा प्यार करते हैं। अगर आपने उन्हें बताया, तो मैं कह दूंगी कि आपने मुझे मारा।"
कुछ साल बाद, एक अंधेरी और धुंध भरी शाम को, एलेक्स लिविंग रूम में अपना सूटकेस पैक कर रहा था। छोटा लियो प्लेपेन में बैठा हुआ था।
"मैं अब और यह सब नहीं झेल सकता, ब्रेना," एलेक्स ने सख्त आवाज में कहा। "मैं बच्चों को लेकर जा रहा हूँ। मैंने वकील से बात कर ली है।"
"टोबी की वजह से? क्योंकि मैंने तुम्हें बताया कि उसने क्या किया?" ब्रेना ने पूछा।
"क्योंकि तुम इस परिवार के लिए खतरनाक हो!" एलेक्स चिल्लाया। "तुम हमारी बेटी को राक्षस कह रही हो। मैं बच्चों को तुम्हारे साथ नहीं छोड़ सकता।"
"एलेक्स, मेरी बात सुनो!" ब्रेना ने एक छिपी हुई स्केचबुक दिखाई। "यह देखो, इसमें हादसों के, गिरते हुए बच्चों के चित्र हैं और मेरे चेहरे पर लाल रंग से स्क्रैच किया गया है। वह योजनाएं बनाती है!"
"पापा? मम्मी क्यों चिल्ला रही हैं?" मारा ने गलियारे से निकलकर मासूमियत से पूछा। "मुझे डर लग रहा है।"
एलेक्स ने तुरंत मारा को गले लगा लिया। "सब ठीक है, बेटा। हम लोग होटल जा रहे हैं।"
एलेक्स की पीठ के पीछे से मारा ने अपनी माँ की तरफ देखा। उसके चेहरे पर एक जीत भरी और भयानक मुस्कान फैल गई।
"बाय-बाय, मम्मी," मारा ने फुसफुसाकर कहा।
दरवाजा बंद हो गया और ब्रेना उस शांत घर में अकेली रह गई।
दो साल बाद, ब्रेना ने शहर में एक छोटा सा आर्ट स्टूडियो खोल लिया था। एक दिन डॉक्टर कपूर उससे मिलने आए। वह काफी चिंतित लग रहे थे।
"हेलो ब्रेना," डॉक्टर कपूर ने कहा। "एलेक्स का कल फोन आया था। वह रो रहा था। उसने एक साल पहले क्लारा से शादी की थी, लेकिन पिछले महीने क्लारा सीढ़ियों से गिर गई। वह बच तो गई, लेकिन डर के मारे घर छोड़कर चली गई।"
ब्रेना का चेहरा गंभीर हो गया। "और घर पर सिर्फ मारा ही उसके साथ थी?"
"हाँ," डॉक्टर कपूर ने कहा। "एलेक्स अब डर गया है। वह चाहता है कि तुम मारा के मूल्यांकन के लिए आओ।"
"मैं आऊंगी," ब्रेना ने कहा। "लेकिन इस बार हम उससे गुस्से से नहीं लड़ेंगे। हम उसे खुद अपने ही जाल में फंसने देंगे।"
अगली शाम, सभी डॉक्टर कपूर के दफ्तर में थे। एलेक्स रो रहा था। "ब्रेना... मुझे माफ कर दो। क्लारा ने बताया कि गिरने से ठीक पहले मारा मुस्कुराई थी। मुझे अब डर लग रहा है।"
मारा ने फिर से मासूम बनने की कोशिश की, "पापा, आप ऐसा क्यों कह रहे हैं? मम्मी आपके दिमाग में ये बातें डाल रही हैं!"
"मैंने तो कुछ कहा ही नहीं, मारा," ब्रेना ने बहुत प्यार से कहा। "मैं तो तुम्हारी मदद करने आई हूँ। यह नया जर्नल तुम्हारे लिए है।"
मारा ने शक की निगाहों से देखा। "क्यों?"
"क्योंकि तुम एक बेहतरीन आर्टिस्ट हो," ब्रेना ने कहा। "मुझे सीढ़ियों वाले प्लान के बारे में पता है। तुमने वैक्स लगाया था ना? कोई इसे साबित नहीं कर सकता था। तुम बहुत समझदार हो।"
मारा के चेहरे पर घमंड आ गया। "हाँ, मैं उन सबसे ज्यादा समझदार हूँ। क्लारा बेवकूफ थी। और पापा बहुत कमजोर हैं।"
एलेक्स ने झटके से अपना हाथ पीछे खींच लिया। "हे भगवान... मारा। तुमने सच में यह किया।"
"पापा, नहीं! मैं तो बस ऐसे ही बोल रही थी!" मारा घबरा गई।
डॉक्टर कपूर ने रिकॉर्डर दिखाते हुए कहा, "नहीं मारा, तुमने खुद कबूल किया है। एलेक्स, रिकॉर्डिंग हो चुकी है। अब इसे इलाज की जरूरत है।"
एक साल बाद, वसंत की एक खूबसूरत दोपहर में, एलेक्स और ब्रेना पार्क में बैठकर छोटे लियो को खेलते हुए देख रहे थे। मारा अब एक सुरक्षित थेरेप्यूटिक सेंटर में थी।
एलेक्स ने ब्रेना से कहा, "लियो अब सुरक्षित है। मैं तुम्हारा शुक्रिया कैसे अदा करूं।"
ब्रेना ने अपना सिर उसके कंधे पर रख लिया, "हमें पीछे देखने की जरूरत नहीं है, एलेक्स। मारा को इलाज मिल रहा है और लियो सुरक्षित है।"